अक्सर तकिये के नीचे, कुछ ख़्वाब चुपके से आते हैं,
कुछ बेचैन करते हैं रात भर, कुछ चैन से सुलाते हैं,
कुछ तंज कसते हैं मेरी नाकामियों पर बार-बार,
और कुछ कामयाबियों पर मेरी पीठ थप-थपाते हैं,
अक्सर तकिये के नीचे कुछ ख़्वाब चुपके से आते हैं...
कुछ ख्वाब शहर में बैठे, मुझे गांव से जोड़ देते हैं,
मुझे गांव की गलियों, मेरे खेतों में छोड़ देते हैं,
मैं ख़ुशी से घूमता-फिरता, टहलता हूँ रात भर,
आँख खुलते ही सुबह वापिस शहर को मोड़ देते हैं,
यूं मेरे साथ आँख-मिचौली छुप छुपके खेल जाते है,
अक्सर तकिये के नीचे कुछ ख़्वाब चुपके से आते हैं...
कुछ ख्वाब कभी दिल अज़ीज़ को बाहों में भर देते हैं,
कुछ पल ही सही, अधुरी ख्वाहिशों को पूरा कर देते हैं,
हर पल हर लम्हा हकीकत लगने लगता है मगर
अधूरे रह कर मुझको भी अधूरा कर देते है
खुशियों के सैलाब तो कभी बन आंसु के तुपके से आते है
अक्सर तकिये के नीचे कुछ ख़्वाब चुपके से आते हैं....
सोचता हूं इन ख्वाबों ने जरूर खुदा को भी सताया होगा
दुनिया सजाने का शायद खुदा को ख्वाब ही आया होगा
चांद, तारे, सूरज और धरती सब कुछ इकठ्ठा करके
अपने ख्वाबों को रूप देकर ये ब्रह्माण्ड रचाया होगा
बादल से बन ये ख्याल मेरे ख्वाबों में मंडराते है
अक्सर तकिये के नीचे कुछ ख़्वाब चुपके से आते हैं,
कुछ बेचैन करते हैं रात भर, कुछ चैन से सुलाते हैं,
अक्सर तकिये के नीचे कुछ ख़्वाब चुपके से आते हैं...
- संदीप सिंह -
एक सच्चाई
ReplyDelete👍👍
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻
ReplyDeleteJe Jayda problem h kaulapur jada dur nhi h
ReplyDeleteGajab 👍👍👍👍
ReplyDeleteNice composition
ReplyDeleteHar Dil Ki yahi kahani hai, Lab par Muskan or Ankho main Pani hai .N
ReplyDeleteWaah... khubsoorat 💥
ReplyDeleteVery good
ReplyDelete👌👌👌👌
ReplyDeleteये तकिया हमारे दिन भर के दुख सुख का साथी बनता है..... कभी आंसू से गीला तो कभी मुस्कुराहट से भरा👏👏👏👏👏
ReplyDeleteबहुत सुंदर 👌👌
ReplyDelete👍👍
ReplyDeleteSubhanallah 👌👌
ReplyDeletenazar na lage ,🙏
बहुत सुन्दर
ReplyDeleteIncredible 👌
ReplyDeleteAwesome 👌👌
ReplyDeleteThis one is beautiful!
ReplyDeleteबहुत बहुत शुक्रिया... ऐसे ही साथ देते रहिए
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